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राहुल गाँधी जीवन परिचय | Rahul Gandhi Biography in hindi

Rahul Gandhi Biography (jeevani) in hindi गाँधी परिवार की चौथी पीढ़ी के राहुल गाँधी देश का एक जाना माना नाम है. युवा नेता के रूप में इन्हें अपने पिता राजीव गाँधी की छवि माना जाता है. राहुल गाँधी आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष है, और माता सोनिया गाँधी के साथ भारतीय राजनीती के गुण सिख रहे है, और निरंतर आगे बढ़ रहे है. युवा नेता के तौर पर राहुल गाँधी, अगले आम चुनाव में कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री उम्मीदवार हो सकते है. राहुल आज भारतीय युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष है. देश के बहुत से युवा इनके अनुयायी है. राहुल अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव भी बनाये गए है. कांग्रेस कार्य समिति के ये दुसरे नंबर के सदस्य है.

राहुल गाँधी जीवन परिचय 

Rahul Gandhi Biography in hindi

क्रमांक जीवन परिचय बिंदु राहुल गाँधी जीवन परिचय
1.        पूरा नाम राहुल गाँधी
2.        निक नाम रागा
3.        जन्म (Date of birth) 19 जून 1970
4.        जन्म स्थान नई दिल्ली, भारत
5.        माता-पिता सोनिया गाँधी, राजीव गाँधी
6.        दादा-दादी फिरोज गाँधी, इंदिरा गाँधी
7.        नाना-नानी पंडित जवाहरलाल नेहरु- कमला नेहरु
8.        बहन-बहनोई प्रियंका गाँधी – रोबर्ट वाड्रा
9.        राजनैतिक पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

राहुल गाँधी राजीव व सोनिया के बड़े बेटे है, जिनका जन्म 1970 में हुआ था. इसके बाद राजीव गाँधी की 1972 में प्रियंका नाम की बेटी हुई. सोनिया इटली की रहने वाली थी, राजीव गाँधी की उनसे मुलाकात के बाद दोनों में प्यार हुआ और दोनों ने शादी कर ली. शादी के बाद सोनिया को भारत की नागरिकता मिल गई, और उन्होंने हिन्दू धर्म अपना लिया. राहुल के पर नाना जवाहर लाल नेहरु आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे, उनकी दादी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थी. पंडित जवाहरलाल नेहरु की जीवनी यहाँ पढ़ें.

राहुल गाँधी शिक्षा (Rahul Gandhi Education) –

राहुल की पढाई की शुरुवात दिल्ली के ‘संत कोलंबिया स्कूल’ से हुई थी. इसके बाद 1981 में उनका दाखिला देहरादून के ‘दून स्कूल’ में करा दिया गया. 1984 में इंदिरा गाँधी की अचानक मौत के बाद, गाँधी परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई. इंदिरा गाँधी की जीवनी यहाँ पढ़ें. ऐसे समय में राहुल और प्रियंका पर भी असर पड़ा. दोनों का स्कूल जाना बंद हो गया. इंदिरा गाँधी की मौत के बाद राजीव गाँधी को प्रधानमंत्री बना दिया था. इस समय राहुल और प्रियंका को पढ़ाने के लिए उनके घर में ही व्यवस्था की गई थी. 1989 में राहुल ने कॉलेज की पढाई के लिए संत स्टेफेन कॉलेज दिल्ली में दाखिला लिया. यहाँ एक साल तक पढाई करने के बाद राहुल अमेरिका की ‘हार्वर्ड युनिवर्सिटी’ चले गए. फिर अचानक 1991 में रैली के दौरान राजीव गाँधी की मौत ने उनके बेटे राहुल को भी हिला दिया. ऐसे समय में भी पुरे गाँधी परिवार की सुरक्षा कड़ी कर दी गई. राजीव गाँधी की जीवनी  के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें.

Rahul Gandhi

सुरक्षा की दृष्टि से राहुल को ग्रेजुएशन के लिए ‘रोल्लिन कॉलेज’ भेजा गया, जहाँ से उन्होंने 1994 में बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की. इस समय उनका नाम कॉलेज में रौल विंसी रखा गया, और उनकी असली पहचान सिर्फ कॉलेज प्रशासन और उनकी सुरक्षा टीम को पता थी. ग्रेजुएशन के बाद राहुल एमफिल करने के लिए 1995 में कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए.

राहुल गाँधी करियर (Rahul Gandhi Career) –

ग्रेजुएशन करने के बाद राहुल ने लन्दन के मॉनिटर ग्रुप में 3 साल काम किया. ये मैनेजमेंट के गुरु माइकल पोर्टर की फर्म थी. 2002 में राहुल भारत लौटे और यहाँ मुंबई की टेक्नोलॉजी ‘आउटसोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के वो डायरेक्टर्स में से एक थे.

राहुल गाँधी राजनैतिक सफ़र (Rahul Gandhi Political Career) –

राहुल गाँधी ने भारतीय राजनीती में आने की घोषणा मार्च 2004 में की. उन्होंने कहा कि वे 2004 के लोकसभा चुनाव में वे अपने पिता के चुनाव क्षेत्र अमेठी, उत्तरप्रदेश से खड़े होंगें. उस समय तक अमेठी से उनकी माँ सोनिया गाँधी खड़ी होती थी, लेकिन राहुल के आने के बाद उन्होंने उत्तरप्रदेश के रायबरेली को अपना चुनाव क्षेत्र बना लिया. उस समय कांग्रेस की हालत उत्तरप्रदेश में बहुत ख़राब थी, 80 में से सिर्फ 10 सीटों में कांग्रेस का नाम था. राहुल गाँधी की घोषणा के बाद सभी राजनैतिक पार्टी के लोगों का मिक्स रिएक्शन रहा. उस समय राहुल की बहन प्रियंका भी राजनीती में सक्रीय थी, उनकी राजनीती सबको पसंद भी आ रही थी, और उनकी तुलना दादी इंदिरा गाँधी से  की जा रही थी. उस समय प्रियंका और राहुल को लेकर लोगों के अलग अलग मत थे. कुछ लोग कहते थे, प्रियंका के सफल होने की अधिक सम्भावना है, वे एक अच्छी नेता साबित होंगी. वही दूसरी ओर राहुल के लिए लोग बोलते थे कि देश की सबसे प्रसिद्ध राजनैतिक परिवार के युवा का पार्टी में होना, पार्टी के भविष्य के लिए बहुत अच्छी बात है, इससे देश के युवा पार्टी की ओर आकर्षित होंगें और पार्टी के साथ साथ युवा शक्ति भारत में बढ़ेगी.

राहुल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे देश की विभाजनकारी राजनीती के समर्थन में बिलकुल नहीं है, वे उसकी निंदा करते है, और कहा कि वे देश में एकजुट होकर काम करने और जाति, धर्म के मुद्दों को जल्द जल्द दूर करने के लिए काम करेंगें. राहुल ने 2004 में पहली बार अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीत, संसद में कदम रखा, जिसके साथ उनके परिवार की ताकत फिर सबके सामने आई.

राहुल गाँधी अचीवमेंट (Political Achievements of Rahul Gandhi) –

  • 2004 में अमेठी लोकसभा सीट से विजयी रहे.
  • राहुल गांधी विभिन्न सार्वजनिक आयोजनों और पार्टी की बैठकों में अपनी मां सोनिया गांधी के साथ दिखाई देने लगे.
  • सन 2006 में राहुल और उनकी बहन प्रियंका ने मिल कर, अपनी माँ के चुनाव अभियान में उनका साथ दिया, जिस वजह से सोनिया गाँधी रायबरेली की सीट जीत सकी.
  • 2007 में राहुल गाँधी कांग्रेस के एक प्रमुख पार्टी सदस्य माने जाने लगे, और इसलिए उन्होंने 2007 में उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में वहां चुनाव प्रचार किया.
  • सितम्बर 2007 में राहुल को भारतीय युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ इंडिया का महासचिव बना दिया गया.
  • भारत में युवाओं की राजनीती में सुधार लाने के लिए राहुल ने नवम्बर 2008 में अपने आवास में एक इंटरव्यू रखा, उसमें 40 ऐसे लोगों का चयन हुआ जो युवा कांग्रेस को एक नयी दिशा दे सकते थे.
  • भारतीय युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ इंडिया, राहुल गाँधी के मार्गदर्शन में चलने लगी और कुछ ही समय में उसके 2 लाख से 25 लाख मेम्बर हो गए.
  • 2009 के आम चुनाव ने राहुल ने पुरे देश का भ्रमण किया और लगभग 125 रैलियां की. 2009 में एक बार फिर राहुल ने अमेठी से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की. उस समय कांग्रेस को 80 में से 20 सीट मिली. पिछली बार से ज्यादा सीट मिलने पर, सभी ने उत्तरप्रदेश की राजनीती में आये सुधार के लिए राहुल गाँधी की प्रशंसा की.
  • मई 2011 में राहुल ने उत्तरप्रदेश के भट्टा परसौल गाँव के परेशान किसानों का साथ दिया. इस किसानों का कहना था कि हाईवे प्रोजेक्ट के लिए इनसे उनकी जमीन ली जा रही है, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है. राहुल ने इस कैम्पेन में उनका साथ दिया, जिस वजह उन्हें जेल भी जाना पड़ा.
  • उत्तरप्रदेश के 2012 के विधानसभा चुनाव में राहुल ने कांग्रेस पार्टी की तरफ से सक्रीय भूमिका निभाई, और लगभग 2 महीने तक 200 रैलियां की. उस समय कांग्रेस को राज्य में 28 सीटें मिली.
  • राहुल गाँधी अपनी बहन प्रियंका के साथ, 14 साल बाद हुई भारत पाकिस्तान क्रिकेट सीरीज को देखने पाकिस्तान गए.
  • 19 जनवरी 2013 को अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की बैठक जयपुर में आयोजित की गई. जहाँ राहुल गाँधी को पार्टी का उपाध्यक्ष घोषित किया गया. आधिकारिक तौर पर राहुल अपनी मां सोनिया गांधी, जो पार्टी की अध्यक्ष है, उनके बाद पार्टी में दूसरे स्थान पर है।
  • राहुल गाँधी 2014 में हुए आम चुनाव में एक बार फिर अमेठी, उत्तरप्रदेश से खड़े हुए. इस बार उनके सामने बीजेपी से मजबूत उम्मीदवार स्मृति ईरानी और आम आदमी पार्टी से कुमार विश्वास खड़े हुए थे. राहुल ने स्मृति को 107,000 वोट से पीछे छोड़ते हुए, जीत हासिल की. इस जीत को राहुल की एक बड़ी जीत के रूप में देखा गया.
  • 2014 के आम चुनाव के प्रचार का जिम्मा इस बार राहुल गाँधी ने अपने हाथों लिया. उनके सामने नरेन्द्र मोदी जैसे दिग्गज नेता थे. राहुल के मार्गदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को इस बार मुहं की खानी पड़ी, और 206 में से सिर्फ 44 सीटें मिलने से कांग्रेस पार्टी का विश्वास राहुल पर से उठने लगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन के बारे में यहाँ पढ़ें.
  • हार के बाद राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की, लेकिन पार्टी के कार्य समिति द्वारा उसे अस्वीकार कर दिया गया.

राहुल गाँधी पुस्तक (Rahul Gandhi Books) –

राहुल गाँधी के जीवन पर अभी तक दो पुस्तक लिखी जा चुकी है जो है –

  • जतिन गाँधी एवं वीनू संधू द्वारा लिखित ‘राहुल – दी फर्स्ट ओथोरीटेतिव बायोग्राफी’ इसमें नेहरु – गाँधी परिवार के बारे में, एवं राहुल की युवा सोच के बारे में लिखा हुआ है.
  • आरती रामचंद्रन द्वारा लिखित ‘डिकोडिंग राहुल गाँधी’ इस किताब में आरती रामचंद्रन और राहुल के बीच हुए इंटरव्यू की बातें है. साथ ही राहुल के राजनीती व पर्सनल लाइफ से जुड़े लोगों की नजर में राहुल की छवि कैसी है, वो बताया गया है. इसमें ये बाते भी कहा गया है कि क्यूँ राहुल की राजनीती उन्हें असफल बना रही है.

राहुल गाँधी अब 2019 के आम चुनाव की तैयारी में लगे हुए है. वे देश के किसान की परेशानी, गरीबी, लोकपाल बिल, महिला सशक्तिकरण आदि से जुड़े मुद्दों में आये दिन अपनी राय देते रहते है, और देश की जनता का ध्यान अपनी और आकर्षित करते रहते है. जन लोकपाल बिल को हिंदी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.  हम राहुल गाँधी के उज्जवल भविष्य की कामना करते है.

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विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
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