राजमा के गुण, फायदे एवं नुकसान |Red Kidney Beans Benefits, Side Effects in Hindi

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राजमा के गुण, फायदे, नुकसान, कैसे खाते हैं, प्रकार [Red Kidney Beans (Rajma) Benefits (Fayde), Side Effects in Hindi]

राजमा भारतीय परिवारों में काफी चाव से खाया जाता है, जिसमें राजमा चावल के तो लोग दीवाने होते है. टेस्ट के साथ साथ ये स्वास्थ के लिए भी अच्छा है. इसे खाने से शरीर पुष्ट रहता है. कहते है सोया उत्पादों में प्रोटीन अधिक होता है, लेकिन मैं आपको बता दूँ राजमा प्रोटीन की खान है, इसमें सोया उत्पाद से भी अधिक प्रोटीन है.

राजमा के फायदे एवं नुकसान (Rajma Benefits and Side Effects)

राजमा (100gm) में मौजूद पोषक तत्व –

प्रोटीन24 g
एनर्जी340 कैलोरी
कार्बोहाइड्रेट56 gm
फैट1 gm
मैग्नीशियम184 mg
आयरन 
फास्फोरस 
विटामिन बी-9 

rajma red beans

राजमा के फायदे (Red Kidney Beans Benefits Hindi)

एनर्जी दे –

राजमा (Red Kidney Beans) खाने से हमें ताकत मिलती है, क्यूंकि इसमें आयरन की अधिकता होती है. शरीर में मेटापोलिस्म बढ़ाने व एनर्जी के लिए आयरन सबसे जरुरी है. इसके खाने से शरीर में ओक्सीजन का प्रवाह सुचारू रूप से होता है.

वजन कंट्रोल रखे –

राजमा में कैलोरी पाई जाती है लेकिन औसत रहती है जिसे कोई भी उम्र का इन्सान आसानी से खा सकता है. राजमा को सूप व सलाद में लंच में खाना चाहिए ज्यादा फायदा मिलेगा. जो अपने वजन को मेन्टेन रखना चाहते है उन्हें राजमा जरुर खाना चाहिए क्यूंकि इसमें सभी तरह के पोषक तत्व होते है.

डायबटीज कंट्रोल –

राजमा में मौजूद फाइबर शरीर में मेटापोलिस्म मेन्टेन करता है. ये कार्बोहाइड्रेट को कम करते है जिससे ब्लडशुगर कम होता है.

कोलेस्ट्रोल कम करे –

राजमा (Red Kidney Beans) शरीर में कोलेस्ट्रोल कम करने में सहायक है. राजमा में मौजूद फाइबर पेट में जाकर gel जैसा हो जाता है जो कोलेस्ट्रोल कम करता है.

ब्लडप्रेशर कंट्रोल –

राजमा में मौजूद मैग्नीशियम व पोटेशियम के आलावा प्रोटीन व फाइबर ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करते है, साथ ही हार्ट बीट को भी सामान्य रखता है. इससे पुरे दिल ही सुरक्षा होती है.

प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करे –

राजमा फाइबर व प्रोटीन की खान तो है ही लेकिन इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है. ये एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर में संक्रमण का असर जल्दी नहीं पड़ता.

कैंसर जैसी बीमारी से बचाए –

राजमा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट यहाँ भी काम करता है और कैंसर से बचाता है ये फ्री रेडिकल्स को सुरक्षित रखता है, साथ ही विटामिन कोशिकाओं को सुरक्षित रखता है जो कैंसर का मुख्य कारण है.

शरीर को अंदर से साफ करे –

राजमा खाने से शरीर के अंदर के सारे विषेले तत्व बाहर निकल जाते है, जप पेट पूरी तरह से साफ हो जाता है. ये सिरदर्द जैसी छोटी समस्या को हल कर देता है. साथ ही ये पाचन में भी मदद करता है, राजमा पेट में घुलनशील फाइबर बनाता है सो पाचन में सहायक है.

दिमाग तेज करे –

राजमा खाने से दिमाग मजबूत होता है याददाश भी बढती है. इसमें मौजूद विटामिन k दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद है. इसके अलावा इसमें मौजूद मैग्नीशियम माइग्रेन की समस्या को भी हल करता है. हफ्ते में एक बार खाने से ये परेशानी दूर होती है.

हड्डी मजबूत करे –

राजमा (Red Kidney Beans) में कैल्शियम, बायोटिन व मैगनीस होता है जो हड्डी, नाख़ून व बालों के लिए बहुत अच्छा होता है. इससे हड्डी मजबूत होती, नाख़ून चमकदार होते है व जल्दी टूटते नहीं है ना ही इनमें फंगस लगती है. इसी तरह ये बाल भी मज्ब्बोत करता है उनका गिरना कम होता है व वे लम्बे काले घने बनते है.

प्रोटीन की अधिकता –

राजमा में अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है. जो लोग नॉनवेज नहीं खाते है, उनके लिए राजमा प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत्र होता है. राजमा को चावल के साथ खाने से यह एक अच्छी मील बन जाती है और ये शरीर को सारे पोषक तत्व देती है.

बालों एवं त्वचा के लिए फायदेमंद

राजमा का सेवन आपके बालों और त्वचा के लिए भी काफी गुणकारी  होता है। क्योंकि इससे भरपूर मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है, इससे आपके बाल स्वस्थ बने रहेगें। विटामिन-सी हमारी त्वचा के लिए भी काफी अच्छा होता है इसलिए राजमा से हमारी स्किन भी हेल्दी और स्वस्थ बनी रहती है।

राजमा के गुण

फाइबर अधिक होता है – राजमा में फाइबर बहुत अधिक होता है, इसे खाने पर आपको देर तक भूख नहीं लगती और शरीर को आसानी से पचने वाले फाइबर मिलते है.

राजमा खाने के नुकसान –

पाचन में परेशानी –

फाइबर की अधिकता होने के कारण, ज्यादा मात्रा में राजमा खाने से आपके शरीर में जरूरत से ज्यादा फाइबर पहुँच जाता है. इससे आपके पाचनतंत्र में परेशानी होती है, साथ ही गैस, डायरिया, पेट दर्द, आँतों में दर्द आदि

ऑर्गन को डैमेज करते है –

1 कप राजमा में 5.2mg आयरन होता है, जबकि रोज आपके शरीर को 8-18 mg आयरन की जरूरत होती है. अधिक मात्रा में अगर राजमा खाया जाये तो ये शरीर में आयरन की मात्रा को गड़बड़ा देता है. इससे शरीर के ऑर्गन डैमेज होते है, साथ ही ब्रेन, हार्ट रिस्क बढ़ता है. स्ट्रोक की परेशानी इससे हो सकती है.

राजमा कैसे खाएं

राजमा की आप सम्ब्जी बनाकर चावल के साथ कहा सकते हैं, यह बहुत ही जायकेदार लगता है. उत्तर भारत में इसे इस तरीके से खाना बहुत अधिक पसंद किया जाता है. इसके अलावा आप चाहें तो इसके कबाब बनाकर भी खा सकते हैं.

राजमा के प्रकार

राजमा जिसे किडनी बीन भी कहा जाता है उसके कई प्रकार हैं। इसे उत्तर भारत में सबसे ज्यादा खाया जाता है, वो भी चावल के साथ। क्योंकि वहां के लोगों को राजमा चावल खाना काफी पसंद है।

लाल राजमा

लाल राजमा जो की काफी गहरे लाल रंग और चिकना होता है। इसे ज्यादातर लोग सलाद में और स्पाउट्स में खाना पसंद करते हैं। क्योंकि इसे डाइट में शामिल किया जाता है। जो लोग जिम करते हैं वो सलाद में इसे जरूर खाते हैं।

चितरा राजमा

इस राजमा के बीज बादामी रंग के होते हैं, इसमें कुछ छोटे तो कुछ बड़े होते हैं। इनकी सब्जियों भी बनाई जाती है। जिसे चावल के साथ काफी खाया जाता है। इसको लोग खाना ज्यादा पसंद करते हैं, साथ ही इसकी डिमाड भी सबसे ज्यादा होती है।

जम्मू राजमा

जम्मू राजमा इसे कश्मीरी राजमा भी कहते हैं। इनका आकार छोटा है। इसका रंग मैरून कलर का होता है। ये सबसे ज्यादा जम्मू या कश्मीर में पाया जाता है। इसका स्वादा इन सभी राजमा से अलग होता है। इसको भी लोग चावल के साथ खाना पसंद करते हैं।

राजमा के बीज

राजमा के बीज छोटे होते हैं। जिनकी बुआई खेतों में 30 से 40 सेंटीमीटर की दूरी बनाकर की जाती है। इनके बीज कई प्रकार के होते हैं इसलिए इनकी बुआई भी अलग-अलग तरह से की जाती है। जैसे- कश्मीरी राजमा, चितरा राजमा, लाल राजमा। इनको अलग- अलग राज्यों में उगाया जाता है। इसलिए इनके बीज भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं।

राजमा (Red Kidney Beans) बच्चों को जरुर खिलाना चाहिए क्यूंकि इसमें सभी तरह के पोषक तत्व होते है जो बच्चों की बढ़ती की उम्र में बहुत जरुरी होते है, ये स्वादिष्ट नरम होता है जिसे बच्चे आसानी से चबा सकते है. इसे आप ग्रेवी वाली सब्जी के अलावा सलाद, सूप, पराठे व मिक्स वेज के रूप में भी अपने घर वालों को खिला सकती है, हर बार कुछ अलग बनाने से आपके घर वाले बोर नहीं होंगें व स्वाद लेकर खायेंगें लेकिन ध्यान रखें राजमा अच्छी तरह पका हुआ होना चाहिये नहीं तो ये पेट दर्द का कारण बन सकता है. राजमा को आप आज से ही हफ्ते में एक बार खाने की आदत डालें.

FAQ

Q : राजमा को सबसे ज्यादा कहां खाया जाता है ?

Ans : राजमा को सबसे ज्यादा उत्तर भारत में खाया जाता है।

Q : राजमा कितने प्रकार के होते  हैं ?

Ans : राजमा कई प्रकार के होते हैं जैसे- कश्मीरी राजमा, चितरा और लाल राजमा आदि।

Q : राजमा को किस प्रकार खा सकते हैं ?

Ans : राजमा को आप सब्जी या फिर सलाद के रूप में भी खा सकते हैं।

Q : राजमा के गुण क्या है ?

Ans : राजमा वजन घटाने के लिए, डायबीटीज, दिमाग तेज आदि करने के लिए काफी गुणकारी होता है।

Q : राजमा को और किस प्रकार से खा सकते हैं ?

Ans : राजमा को आप कबाब के रूप में भी खा सकते हैं।

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