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सोलर चरखा मिशन | Solar Charkha Mission Details In Hindi

सोलर चरखा मिशन | Solar Charkha Mission Scheme of the Ministry of Micro Small & Medium Enterprises (MSME) Details In Hindi

माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (MSME) मंत्रालय ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सोलर चरखा मिशन नामक एक स्कीम को जल्द लॉन्च करने की जानकारी दी है. इस मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ये स्कीम हमारे देश के कारीगरों से जुड़ी हुई है और जल्द ही ये स्कीम स्टार्ट कर दी जाएगी.

 Solar Charkha Mission

कब होगा लॉन्च ये मिशन (Launch Details)

सोलर चरखा मिशन को अभी लॉन्च किया जाना है और ये स्कीम 27 जून, 2018 के दिन लॉन्च होने वाली है. माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (MSME) मंत्रालय के मुताबकि इस मिशन को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा लॉन्च किया जाएगा.

सोलर चरखा मिशन से जुड़ी जानकारी-

योजना का नाम सोलर चरखा मिशन

 

कब लॉन्च होगी ये योजना 27 जून, 2018
किसके द्वारा लॉन्च की जाएगी ये योजना राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
किस मंत्रालय के अधीन चलेगी योजना माइक्रो, स्माल एंड मध्यम इंटरप्राइजेज (MSME) मंत्रालय
योजना का बजट 550 करोड़ रुपये
योजना से किसको मिलेगा फायदा कारीगरों

क्या है सोलर चरखा मिशन (What is Solar Charkha Mission)

‘सोलर चरखा मिशन’ स्कीम कारीगरों के विकास करने के लिए बनाई गई है और इस स्कीम की मदद से हमारे देश के कारीगरों को अच्छे अवसर प्रदान किए जाएंगे. सरकार के मुताबिक इस स्कीम के लॉन्च होने के दो साल के अंदर हमारे देश में एक लाख जॉब्स भी उत्पन्न होंगी, जिससे कारीगरों के जीवन स्तर को और बेहतर बनाया जा सकेंगा.

सोलर चरखा मिशन का बजट (Budget)

सोलर चरखा मिशन को स्टार्ट करने के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है और इस मिशन के जरिए सरकार 550 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने वाली है. ये सब्सिडी की राशि 2 साल के लिए तय की गई है.

सोलर चरखा मिशन का उद्देश्य (Objective)

  • कारीगरों के विकास से जुड़ी इस स्कीम से 5 करोड़ महिलाओं को जोड़ा जाएगा और उन्हें सेल्फ डिपेंडेंट बनाया जाएगा, जबकि सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी इस स्कीम से जोड़े जाने के लिए कार्य किए जायेंगे.
  • माइक्रो, स्माल एंड मध्यम इंटरप्राइजेज (MSME) मंत्रालय के सचिव ए.के पांडा के मुताबिक इस स्कीम का उद्देश्य, इस स्कीम के स्टार्ट होने के पहले दो साल के दौरान एक लाख नौकरियां पैदा करना होगा.
  • सरकार द्वारा मंजूर की गई बजट राशि की मदद से 50 क्लस्टर के क्राफ्ट्समैन यानी शिल्पकारों को सब्सिडी दी जाएगी. हर क्लस्टर में करीब 400 से लेकर 2000 क्राफ्ट्समैन होंगे.

खोले जाएंगे अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र

  • माइक्रो, स्माल एंड मध्यम इंटरप्राइजेज (MSME) मंत्रालय द्वारा पूरे देश में 15 नए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे और प्रत्येक केंद्र को बनाने के लिए लगभग 150 रुपए करोड़ का खर्चा आएगा.
  • इन 15 नए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र में से 10 केंद्र, मार्च 2019 तक स्टार्ट हो जाएंगे और ये केंद्र दुर्ग (छत्तीसगढ़), भिवडी (राजस्थान), रोहतक (हरियाणा), विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), बेंगलुरू (कर्नाटक), सितारगंज (उत्तराखंड), बद्दी (हिमाचल प्रदेश), भोपाल (एमपी), कानपुर (यूपी) और पोंडीचेरी में खोले जाएंगे .

इस स्कीम से ना केवल शिल्पकारों की मदद की जाएगी बल्कि उनको जॉब्स के नए अवसर भी मिलेंगे. साथ ही महिलाओं की तरक्की का ध्यान भी इस स्कीम में रखा गया है. 

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