श्रीमद्भगवद्गीता श्री कृष्ण अनमोल वचन

श्रीमद्भगवद्गीता के अनमोल वचन (srimadbhagwad geeta shree krishna quotes in Hindi )भागवत गीता का कुछ अंश इन अनमोल वचनों में निहीत हैं |  हिन्दू धर्म का आधार हैं भगवत गीता | इसमें जो कलयुग का वर्णन हैं उसने सभी को आश्चर्य चकित कर दिया हैं |किसी एक मनुष्य का जीवन गीता के एक सूक्ष्म चरित्र के तुल्य हैं | गीता में संपूर्ण विश्व समाहित हैं और उसके भीतर मनुष्य जाति एक छोटा सा बिंदु | ह महा ग्रन्थ ही हैं जो भगवान के होने का सबूत हैं इनमे जो ज्ञान छिपा हैं उसे कोई नकार नहीं सकता जो विवरण उसमे मनुष्य जाति और उसके कर्मों का हैं उसे कोई झुठला नहीं सकता | कोई परम ईश्वरप्रिय ज्ञानी ही हैं जिसने कलयुग की भविष्यवाणी गीता में की जो आज हम अपने आस पास होता देख रहे हैं |

गीता, जिसका वाचन स्वयं श्री कृष्ण ने किया था | जब वे धर्म की स्थापना हेतु अर्जुन को उसका कर्म ज्ञात करवा रहे थे |उसी के सूक्ष्म अंश हमारे इस ब्लॉग में श्रीमद्भगवद्गीता के अनमोल वचन के रूप में लिखे गये हैं |

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श्रीमद्भगवद्गीता श्री कृष्ण अनमोल वचन

  • Shree Krishna srimadbhagwad Geeta Quotes in Hindi

क्रमांकShree Krishna QuotesShree Krishna Quotes in Hindi
1Neither in this world nor elsewhere is there any happiness in store for him who always doubts.जो हमेशा शंका मन में रखते हैं उन्हें ना इस संसार में और ना ही कहीं भी चैन मिलता हैं |
2The wise sees knowledge and action as one; they see truly.बुद्धिमान व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक ही देखता हैं यही सत्य हैं |
3Perform your obligatory duty, because action is indeed better than inaction.हमेशा कर्म करो क्यूंकि बेकार रहने से कई ज्यादा कर्मवान होना हैं |
4Delusion arises from anger. The mind is bewildered by delusion. Reasoning is destroyed when the mind is bewildered. One falls down when reasoning is destroyed.क्रोध से माया उत्पन्न होती हैं, माया से बुद्धि व्यग्र होती हैं और व्यग्र बुद्धि से विचारों का नाश होता हैं | और एक बार जब विचारों का नाश होता हैं उस वक्त सब खत्म हो जाता हैं |
5Sever the ignorant doubt in your heart with the sword of self-knowledge. Observe your discipline. Arise.अपने ज्ञान से अपने भीतर के अज्ञान को तलवार से काटकर उसका वध करों | अपने अनुशासन में रहो , जागो |
6The mind acts like an enemy for those who do not control it.जो अपनी सोच को नियंत्रित नहीं रख पाते, उनकी सोच उन्ही की दुश्मन बन जाती हैं |
7Man is made by his belief. As he believes, so he is.मनुष्य अपने विचारों से बनता हैं जैसा वो सोचता हैं वही वो होता हैं |
8The power of God is with you at all times; through the activities of mind, senses, breathing, and emotions; and is constantly doing all the work using you as a mere instrument.भगवान की शक्ति आपके पास हमेशा मानसिक कार्यों, अहसास, श्वास के रूप में हैं | जिसका उपयोग आप हमेशा करते हैं |
9There is nothing lost or wasted in this life.जीवन में कुछ भी खोने या व्यर्थ जाने को नहीं हैं |
10Hell has three gates: lust, anger, and greed.लालच, गुस्सा और वासना तीनो नरक के द्वार हैं |
  • भाग २ 
क्रमांकBhagwad  Geeta quotesBhagwad  Geeta quotes In Hindi
1People will talk about your disgrace forever. To the honored, dishonor is worse than death.सम्मानित व्यक्ति के लिए उसका अपमान मृत्यु से ज्यादा बुरा हैं क्यूंकि दुनिया अपमान की ही बात करेगी |
2One can become whatever one wants to be if one constantly contemplates on the object of desire with faith.व्यक्ति जो चाहे वो बन सकता हैं अगर वो अपने लक्ष्य पर पुरे विश्वास के साथ काम कर रहा हैं तो |
3The faith of each is in accordance with one’s own nature.हर व्यक्ति का अपने निज अनुसार विश्वास बनता हैं |
4The mind is restless and difficult to restrain, but it is subdued by practiceअशांत मन को काबू में करना बहुत मुश्किल हैं लेकिन बार- बार कोशिश करने पर यह किया जा सकता हैं |
5Creation is only the projection into form of that which already exists.सृजन पहले से उपस्थित वस्तु का एक प्रक्षेपण हैं |
6Death is as sure for that which is born, as birth is for that which is dead. Therefore grieve not for what is inevitable.जो जन्मा हैं उसकी मृत्यु निश्चित हैं, जो मारा हैं उसका जन्म निश्चित हैं इसलिए इस सत्य का दुःख मनाना व्यर्थ हैं |
7The wise should not unsettle the mind of the ignorant who is attached to the fruits of work.बुद्धिमान व्यक्ति को, बुद्धिविहीन व्यक्ति जो कि कर्म के फलो की चिंता में लगा हुआ हैं उसके दिमाग को कमज़ोर नहीं करना चाहिये |
8Unnatural work produces too much stress.अव्यवहारिक कार्य बहुत ज्यादा तनाव उत्पन्न करता हैं |
9Fear not what is not real, never was and never will be. What is real, always was and cannot be destroyed.जो वास्तविक नहीं हैं उससे मत डरों,वो ना कभी था और ना कभी होगा | और जो वास्तविक हैं वो हमेशा था और उसे कोई नष्ट नहीं कर सकता |
10To the illumined man or woman, a clod of dirt, a stone, and gold are the same.दिव्य पुरुष अथवा स्त्री के लिए कचरे का ढेर, पत्थर और सोना सब समान हैं |
  • भाग ३
क्रमांकShree Krishna QuotesShree Krishna Quotes in Hindi
21I give the knowledge, to those who are ever united with Me and lovingly adore Me.मैं उन्हें ज्ञान देता हूँ जो मुझमे समाय हुए हैं और मुझे प्रेम करते हैं |
22God is in everything as well as above everything.भगवान सभी जगह में हैं सभी के उपर हैं |
23Setting aside all noble deeds, just surrender completely to the will of God. I shall liberate you from all sins. Do not grieve.सभी अच्छे कार्यों को एक तरह रखकर भगवान की भक्ति में लीन हो जायेंगे तब मैं आपको सभी पापो से मुक्त कर दूंगा |आपको इसकी चिंता की जरूरत नहीं |
24A Self-realized person does not depend on anybody except God for anything.जो खुद पर विश्वास करते हैं वो किसी भी चीज के लिए भगवान के अलावा किसी पर आश्रित नहीं होते |
25I look upon all creatures equally; none are less dear to me and none more dear. But those who worship me with love live in me, and I come to life in them.मेरी दृष्टि सभी प्राणियों पर समान रूप से रहती हैं ना किसी पर ज्यादा ना कम | लेकिन जो मुझसे प्रेम करते हैं वो मेरे भीतर रहते हैं और में उनके जीवन में |
26Only the fortunate warriors, O Arjuna, get such an opportunity for an unsought war that is like an open door to heaven.हे अर्जुन ! केवल कुछ ही भाग्यशाली योद्धा होते हैं जिन्हें ऐसे धर्म के लिए लड़ने का मौका मिलता हैं जो सीधे स्वर्ग का द्वार खोलते हैं |
27Neither do I see the beginning nor the middle nor the end of Your Universal Form.आपके विशाल स्वरूप में ना शुरुवात न मध्य ना अंत देखा जा सकता हैं |
28One attains the eternal imperishable abode by My grace, even while doing all duties, just by taking refuge in Me.मेरी कृपा से जो मुझमे लीं होता हैं उसे तब आत्मीय संतोष मिलता हैं भले ही उसने अपने सारे कर्म किये हो |
29Much better to do one’s own work even if you have to do it imperfectly than it is to do somebody elses work perfectly.किसी और का काम श्रद्धा से करने से कई गुना अच्छा हैं कि अपना कार्य पूरी लग्न के साथ करें |
30The wise do not rejoice in sensual pleasures.एक बुद्धिमान व्यक्ति को जीवन का सुख कामुकता से नहीं मिलता |

श्री कृष्ण द्वारा कहे वाक्य जीवन दिशा देते हैं | गीता का सार हमारे जीवन के लिए एक दर्पण हैं उसमे उद्दृत व्यक्तित्व में से किसी न किसी व्यक्तित्व की झलक हम में मौजूद होती है | आपको यह आर्टिकल कैसा लगा कमेंट जरुर करें |

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Updated: August 20, 2015 — 11:56 am

1 Comment

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  1. Very.. Very.. gd..

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