भारत के यातायात के नियम व चिन्ह का मतलब | Traffic Rules Signs and symbols meaning In India in hindi

भारत के यातायात के नियम व चिन्ह का मतलब | Traffic Rules Signs and symbols meaning In India in hindi

भारत मे रोड पर सुरक्षित ड्राइव करने के लिए भारत सरकार ने कुछ यातायात के नियम बनाए, जिनका पालन करके रोड पर सावधानी रखी जा सकती है. हम रोज न्यूज़ पेपर और  न्यूज़ चैनल पर रोड एक्सिडेंट के बारे मे पड़ते है यह एक्सिडेंट हमे भारत के खराब ड्राईवर और उनके यातायात के नियम का ना पालन करने की कहानी बताते है. आज के समय मे एक भी दिन ऐसा नही जाता, जब हम कोई रोड़ एक्सिडेंट के बारे मे ना सुने, यह सब ड्राईवर के यातायात के नियम ना फॉलो करने और बस अपने शौक के लिए औरो की भी परवाह ना करने के कारण होता है. आजकल छोटे बच्चे भी ड्राइविंग करते है, उन्हे यातायात के नियम की ना तो समझ होती है, ना ही वो उसका पालन करना चाहते है, वे तो बस आगे निकलने की दौड़ मे शामिल होते है.

Traffic Rules In Hindi

भारत में यातायात के नियम (Traffic Rules in India in hindi)

अगर व्यक्ति चाहे तो बस कुछ यातायात के नियम का पालन करके खुद को तथा दूसरों को सुरक्षित रख सकता है. यहाँ कुछ साधारण भारत के यातायात के नियम का मतलब बताया गया है, जिनका पालन करके हम हमारे यातायात को बेहतर बना सकते है. व यातायात की इस बड़ी समस्या से आसानी से छुटकारा मिल जायेगा.

  • अपने वाहन की पार्किंग का ध्यान रखे : अपने वाहन की पार्किंग इस तरह से ना करे, कि वह दूसरों के लिए मुश्किल बन जाए. आप थोड़े समय के लिए भी पार्किंग करना चाहे, तब भी सही जगह पर ही करे, ताकि दूसरों को कोई दिक्कत ना हो.
  • सड़क पर ड्राइव करते समय ओवेरटेक ना करे : जब भी आप ड्राइव करते है, तो किसी से रेस ना लगाए. यह जरूरी नही कि कोई आपसे आगे निकल गया, तो आप भी उससे आगे निकले और यातायात के नियम को तोड़े. अगर आप यातायात के नियम का पालन करते हुये गाड़ी चलाते है, तो यह आपके साथ साथ दूसरों के लिए भी अच्छा होगा. 
  • बहुत ज्यादा और लगातार हॉर्न का उपयोग न करें : अगर आप लगातार हॉर्न बजाते है, तो इसका मतलब यह नही, कि आगे लगा हुआ जाम जल्दी क्लियर हो जाएगा, इससे सिर्फ सामने वाले व्यक्ति पर दबाव बनता है और ध्वनि प्रदूषण फेलता है. इससे अच्छा होगा, कि आप थोड़ा इंतजार करे और सामने वाले को निकलने का मौका दे.
  • एक तरफा रोड : जब आप एक तरफा रोड मे होते है, तो उसे फॉलो करे तथा उसे तोड़े नही. यह कुछ दूरी के लिए होता है. यह ड्राईवर की सुविधा के लिए ही बना होता है. तो इसे फॉलो करे. अगर कोई अपना समय को बचाने की उम्मीद से गलत साइड मे चलता है तो वह अपने साथ साथ दूसरों का भी समय खराब करता है.
  • लेन अनुशासन : अगर आप किसी लेन मे हो तो उसे फॉलो करे. बिना किसी अनुदेश के लेन को तोड़े नही. अगर कोई व्यक्ति आपने समय को बचाने की दृष्टि से लेन को तोड़ता है तो वह आने वाले की वाहनो को प्रभावित करता है.
  • यू टर्न : यह ध्यान रखिए की यू-टर्न ड्राईवर का अधिकार नही है यह बस ड्राईवर की सुविधा के लिए बना होता है. जब भी आप यू-टर्न पर हो तो आगे पीछे के ट्रैफिक को देख ले, तथा सभी की सुविधाओं को देखते हुये यू-टर्न ले.
  • हाथ सिग्नल : अगर आप हाथ सिग्नल का उपयोग करते है, तो यह आपके पीछे चल रहे व्यक्ति के लिए सुविधा होती है. इससे आपके पीछे चल रहा व्यक्ति आपके साइड को समझ कर सेफ ड्राइविंग कर सकता है.
  • यातायात संकेत और यातायात नीति : यह जो यातायात संकेत और यातायात नीति होती है, यह उस जगह पर ड्राईवर को किसी कारण से दी होती है ताकि वह इसे ठीक से पड़े और फॉलो करे. यातायात संकेत और यातायात नीति के दिये जाने का सबसे बड़ा कारण हमारी सड्को के ट्रेफिक को बेहतर बनाना है.
  • गति प्रतिबंध : ड्राइविंग करते समय गति सबसे बड़ा फैक्टर होता है. अक्सर देखा जाता है कि रोड के अच्छे होने पर ड्राईवर के द्वारा स्पीड बढ़ा ली जाती है, परन्तु ऐसा नही होना चाहिए. कम से कम सिटी मे तो स्पीड लिमिट को फॉलो करना चाहिए.

भारत में इन नियमों को फॉलो करके दुर्घटना होने के खतरे से बचा जा सकता हैं.

भारत में यातायात के मुख्य संकेत (Traffic signals Meaning )

भारत में यातायात के संकेत को फ़ॉलो करना अतिआवश्यक है. इससे सड़क दुर्घटना जैसे हादसों से बचा जा सकता है. ये यातायात के मुख्य तीन संकेत किसी भी शहर के चोरहों में लगे होते हैं ये संकेत तीन रंग को दर्शाते है. जिसके बारे में यहाँ दर्शाया जा रहा है –

Traffic signals

  • लाल लाइट : यातायात के मुख्य तीन संकेतों में से लाल लाइट का मतलब होता है, रुकना. अर्थात् जब भी आप किसी चोराहें से गुजरते हैं तो आपको वहाँ जब लाल लाइट जलती हुई नजर आये तो आपको वहाँ रुकना होगा.
  • पीली लाइट : पीली लाइट का मतलब होता है चलने के तैयार हो जाना. अर्थात् जब आप लाल लाइट पर रुकते है इसके बाद जब पीली लाइट जलती है तो यह आपको चलने के लिए तैयार हो जाने का संकेत देती है.
  • हरी लाइट : हरी लाइट का मतलब होता है जाना. अर्थात जब सिग्नल में हरी लाइट जलती है तो इसका अर्थ यह है कि आपको इस पर चलना है.

इस प्रकार आप इस संकेतों को फॉलो करके दुर्घटना होने से बच सकते हैं.

भारत में महत्वपूर्ण यातायात के चिन्ह (Important Traffic Sign in India)

कुछ एरिया जैसे अस्पताल के आस पास, स्कूल के पास हॉर्न बजाना स्वीकार नही होता है.

क्र.म.यातायात के चिन्ह

यातायात के चिन्ह का नाम

यातायात के चिन्ह के अर्थ
1
Traffic Rules In Hindi
No Entry 

एक तरफा ट्रैफिकइस जगह मे गलत साइड मे वाहन का ले जाना स्वीकार नही होता है.2

Traffic Rules In Hindi
One way traffic 

एक तरफा ट्रैफिकइस जगह मे गलत साइड मे वाहन का ले जाना स्वीकार नही होता है.3

Traffic Rules In Hindi
Vehicles prohibited in both direction 

दोनों दिशा में वाहन चलाना वर्जित हैइस एरिया मे कोई भी वाहन का ले जाना स्वीकार नही होता है.4

Traffic Rules In Hindi
No left turn 

बाएँ हाथ में नहीं मुड़ना है इस साइन का मतलब होता है की आप बाएँ हाथ में न मुड़े.5

Traffic Rules In Hindi
No right turn 

दाएँ हाथ में नहीं मुड़ना है इस साइन का मतलब होता है की आप दाएँ हाथ में न मुड़े.6

Traffic Rules In Hindi
No overtaking 

नो ओवरटेकिंगइस साइन का मतलब होता है की आप किसी भी वाहन से आगे निकलने की कोशिश न करें.8

Traffic Rules In Hindi
No parking 

नो पार्किंगइस एरिया मे किसी को भी अपने वाहन खड़े करने की अनुमति नही होती है.9

Traffic Rules In Hindi
No stopping 

नो स्टॉपिंगइस एरिया मे किसी भी वाहन को चलते समय रुकने की अनुमति नही होती है.10. 

ट्राफिक नियम यू टर्न
यू – टर्न इस जगह पर आप किसी भी वाहन को वापस यू – टर्न नहीं कर सकते हैं. 12.  
traffic rule
ट्रक वर्जित हैं इस जगह पर ट्रक का चलना वर्जित होता है, अर्थात यहाँ बड़े वाहन को चलने की अनुमति नहीं होती है. 13.  
साइकिल वर्जित
साइकिल वर्जित हैं इस जगह पर साइकिल जैसे वाहन का आना वर्जित होता है. अर्थात छोटे वाहन का आना वर्जित होता है. 14.  
बैल गाड़ी, तांगा या हाथ गाड़ी वर्जित
बैल गाड़ी, तांगा या हाथ गाड़ी वर्जित हैं इस जगह पर बैल गाड़ी, तांगा या किसी भी तरह की हाथ गाड़ी का आना वर्जित होता है. 15.  
पैदल व्यक्ति वर्जित
पैदल चलने वाले व्यक्ति वर्जित हैं इस जगह पर पैदल चलने वाले व्यक्ति का आना निषेध है. 16.  
मोटर वाहन वर्जित
सभी मोटर वाहन वर्जित हैं इसका अर्थ यह होता है कि इस जगह पर किसी भी तरह के मोटर वाहन का आना मना हैं.

भारत में यातायात के प्रतीक (Traffic symbols in India)

भारत में उपरोक्त यातायात के चिन्ह हैं जो आपको रास्ते में चलते समय सावधानी के तौर पर प्रदर्शित किये जाते हैं. इसके अलावा यहाँ कुछ ऐसे प्रतीक हैं. जिनके बारे में जानकर आप आगे का रास्ता आसानी से तय कर सकते हैं, जोकि इस प्रकार हैं –

क्र..यातायात के प्रतीकयातायात के प्रतीक का नामयातायात के प्रतीक का अर्थ 
1. हाई लिमिट इस साइन का मतलब होता है की इस एरिया मे दी गई लिमिट से ज्यादा के वाहन नही निकल सकते.
2. बयां मोड़इस साइन का मतलब होता है की आगे आपको बाएँ ओर मुड़ना है.
3. पशुइसका मतलब यह होता है कि इस जगह पर पशुओं का डेरा होता हैं
4. साइकिल क्रासिंगइस प्रतीक का मतलब होता हैं कि आगे साइकिल क्रासिंग हैं
5. चट्टानों का गिरनाइसका मतलब यह होता हैं कि आगे के रास्ते में मौसम के कारण चट्टानें रोड पर गिर सकती हैं.
6. नौकायह संकेत ड्राईवर को एक नदी के पार नौकायन पार करने की स्थिति के बारे में चेतावनी देने के लिए होता हैं.
7. बाएँ हैर्पिन मोड़यह तब उपयोग किया जाता है जब दिशा में परिवर्तन इतना महत्वपूर्ण होता हैं कि वह दिशा के रेवेर्सल के बराबर होता हैं. यहाँ यह संरेखण के आधार पर बाएँ ओर झुका हुआ हैं.
8. बाएँ हाथ का कर्वइसका उपयोग तब किया जाता है जब संरेखण की दिशा बदलती हैं यह गति को कम करने और सावधानी से चलने के लिए चेतावनी होता हैं.
9. बाएँ रिवर्स मोड़इसका उपयोग तब होता है जब रिवर्स मोड़ की प्रकृति आवागमन तक पहुँचने के लिए स्पष्ट नहीं हैं.
10. खुली बजरीइसका उपयोग तब किया जाता है जब तेजी से आने वाले वाहनों द्वारा बजरी को फेंक दिया जा सकता है.
11. पुरुष कम पर हैइसका उपयोग तब होता है जब पुरुषों या मशीनों के द्वारा सड़क पर कोई काम चल रहा होता है. काम पूरा हो जाने के बाद यह हटा दिया जाता हैं.
12. नैरो ब्रिजयह प्रतीक पुल आने के पहने लगाया जाता हैं. जहाँ प्रतिबंध या पहिया गार्ड के बीच की चौड़ाई गाड़ी की सामान्य चौड़ाई से कम है.
13. नैरो रोडयह संकेत अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र में पाया जाता है, जहाँ फूटपथ की चौड़ाई में अचानक कमी से यातायात के लिए खतरा पैदा होता है.
14. पैदल चलने वालों की क्रासिंगयह प्रतीक ज़ेबरा क्रासिंग आने के पहले बनाया जाता हैं. ताकि वाहन की रफ्तार कम की जा सकें.
15. दाएँ हैर्पिन मोड़यह तब उपयोग किया जाता है जब दिशा में परिवर्तन इतना महत्वपूर्ण होता हैं कि वह दिशा के रेवेर्सल के बराबर होता हैं. यहाँ यह संरेखण के आधार पर दाएँ ओर झुका हुआ हैं.
16. दाएँ रिवर्स मोड़इसका उपयोग तब होता है जब रिवर्स मोड़ की प्रकृति आवागमन तक पहुँचने के लिए स्पष्ट नहीं हैं.
17. दाएँ हाथ का कर्वइसका उपयोग तब किया जाता है जब संरेखण की दिशा बदलती हैं यह गति को कम करने और सावधानी से चलने के लिए चेतावनी होता हैं.
18. सड़क मार्गयह संकेत अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र में पाया जाता है, जहाँ चौड़ाई में अचानक वृद्धी से यातायात के लिए खतरा पैदा होता है. जैसे कि दो लेन की सड़क, अचानक दोहरी गाड़ी के मार्ग को चौड़ा कर देती हैं.
19. स्कूल जहाँ स्कूल की इमारतें व मैदान सड़क के आस – पास होते हैं वहाँ यह प्रतीक लगाया जाता है ताकि स्कूल से बच्चे सुरक्षित रहें.
20. सड़क में फिसलनइसका उपयोग फिसलन वाली सड़क आने के पहले किया जाता है.
21. खड़ी चढ़ाई  यह प्रतीक तेजी से आने वाले वाहनों के लिए चढ़ाई आने वाली रोड के पहले लगाया जाता हैं. ताकि ट्रैफिक के लिए खतरा पैदा न हो.
22. ढलान यह प्रतीक तेजी से आने वाले वाहनों के लिए उतार आने वाली रोड के पहले लगाया जाता हैं. ताकि ट्रैफिक के लिए खतरा पैदा न हो. और वाहन नियंत्रित रहे.

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Sneha

स्नेहा ने पुणे से एमबीए किया हुआ है. दैनिक भास्कर में कुछ समय काम करने के बाद इन्होने दीपावली के लिए फाइनेंस से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया. इसके अलावा इन्हें देश दुनिया के बारे नयी-नयी जानकारी लिखना पसंद है.
Sneha

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